Pages

Monday, January 24, 2011

श्रध्दांजलि : पंडित भीमसेन जोशी

पंडित भीमसेन जोशी

जिसके साथ गुनगुना कर
आज वोह "भीम" मेरी
आखोँ के सामने रह गया

अब ''गायकी'' को
सिर्फ उसके 'ख़याल' आया करेंगे
सुर की इस् नदी को
आज सागर जो मिलने को कह गया


जो लगाता रहा आवाज़
किराने-घराने का वोह सरताज़
वोह आज
किनारे कर गया
हरि जो उसे
'घर-आने' को कह गया

वोह 'गंधर्व' आज बह गया



-गौरव /२४ जनवरी २०११/

No comments: