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Saturday, November 2, 2013

शुभ दीपावली


तिमिर से लडूंगा मैं,
किया इक चौख़ट से वादा यही |
  
सोंप दू अमानत उजि़यारे की 
किया उस सुबह से वादा अभी  |

पूछ लेना तुम बावरी हॅवा से 
लङ्खडाया हूं, डगमगाया हूं
पर न शरमाया, लड़ने से कभी |
  
मन अयोध्या, खुशियां भी राम सी
मिट गया अँधेरे का रावण, मैं जला तभी |



© Copyright 2013,  GauRav Gupta

Saturday, October 12, 2013

उड़ जा !

चिड़ियाँ ओ चिड़ियाँ
उड़ जा री चिड़ियाँ
बांधें ना तुझको, मोरी नज़रियाँ

पंख है ये जो तेरे
जैसे अरमान भी मेरे
फैला के उड़ जा, शाम-सवेरे

बादल की सखी बन
करले थोडा सा जतन
उड़ जा री चिड़ियाँ
बिसरा के मोरी अटरियाँ

हवाओं की बात सुन
तजदे माटी के रंग
रच इक उड़ती सुखन
उड़ जा री चिड़ियाँ



© Copyright 2013,  GauRav Gupta

Monday, May 13, 2013

शिकायत


हर बात पर तुम
      शिकायत करो,
जो मैं चुप रहूँ तो
    बैय्याँ ठोड़ी धरों |

चुप्पियों के घूँघरू
      जो बजने लगे,
कंगनों को बजा कर
अदावत करो |

सिमटी चादर से भी
     दुश्मनी तुम्हारी,
तकिया बीच में रख
 सरहदें करो |

हार भी न मानू
      न तुम जीतो,
शर्तों के दस्तावेज
      दस्तखत करो |

 तेरे मेरे रूठने के
     अंदाज मुख्तलिफ,
अब शर्त यह की
     एक मानिंद करो |






© Copyright 2013,  GauRav Gupta