Pages

Saturday, November 2, 2013

शुभ दीपावली


तिमिर से लडूंगा मैं,
किया इक चौख़ट से वादा यही |
  
सोंप दू अमानत उजि़यारे की 
किया उस सुबह से वादा अभी  |

पूछ लेना तुम बावरी हॅवा से 
लङ्खडाया हूं, डगमगाया हूं
पर न शरमाया, लड़ने से कभी |
  
मन अयोध्या, खुशियां भी राम सी
मिट गया अँधेरे का रावण, मैं जला तभी |



© Copyright 2013,  GauRav Gupta

No comments: